Buffalopedia प्रसव अवस्था भैंस में कश्ट प्रसव
भैंस में कश्ट प्रसव

भैंस में कश्ट प्रसव

प्रसव की क्रिया को हम तीन भागों में बांट सकते हैं, जो एक-दूसरे के बाद लगातार चलती हैं। इसकी प्रथम अवस्था (तैयारी अवस्था) में गर्भाशय के संकुचन के कारण भैंस को दर्द होने लगता है। गाय व भैंस में ये दर्द 2-6 घंटे तक हो सकते हैं। इस अवस्था की समाप्ति पर गर्भाशय की पानी की थैली एक गुब्बारे की भांति योनि द्वार पर दिखार्इ देती है। जोर लगाने पर यह थैली फट जाती है और प्रसव की दूसरी अवस्था (बच्चा निकलना) की शुरूआत होती है। गाय व भैंस में बच्चा आमतौर पर इस अवस्था में आधा से एक घंटे में निकल आता है। प्रसव की तीसरी अवस्था (जेर निकलना) में बच्चा देने के उपरांत जेर 2-8 घंटे में बाहर आ जाती है। प्रसव की पहली अथवा दूसरी अवस्था का समय यदि सामान्य से अधिक होता है तो इसे कष्ट प्रसव (बच्चा फंसना) कहते हैं। कष्ट प्रसव के अनेक कारण हैं। इनमें से मुख्य इस प्रकार हैं :

Ø  भैंस को दर्द न होना

Ø  मादा और बच्चे के आकार में असमानता

Ø  अपसामान्य/दोषपूर्ण गर्भस्थिति

Ø  गर्भाशय की ऐंठन





 
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